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चमोली के जंगलों में भड़की आग, कई क्षेत्रों में धधकते रहे वन

ByParyavaran Vichar

Mar 5, 2026

चमोली | उत्तराखंड के चमोली जिले में जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। पिछले दो दिनों से कई क्षेत्रों के जंगलों में आग धधक रही है, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

जानकारी के अनुसार नारायणबगड़ क्षेत्र के कई जंगलों में सोमवार से आग लगी हुई है। आग का दायरा लगातार बढ़ रहा है और कई स्थानों पर धुएं के घने बादल छा गए हैं। इससे ग्रामीणों को सांस लेने में कठिनाई और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

बुधवार को होली के दिन भी क्षेत्र के जंगलों में आग की लपटें दिखाई देती रहीं। नारायणबगड़, जाख-कडाकोठ, बेड़गांव, मानूर, तलासेरा और टेंटुड़ा के जंगल दिनभर जलते रहे। इसके अलावा उत्तरी कडाकोठ पट्टी के सुनभी और भटियाणा क्षेत्र के जंगलों में भी आग लगने की खबरें सामने आई हैं। कई जगहों पर आग धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ने लगी है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।

महिलाओं ने संभाली आग बुझाने की जिम्मेदारी

कपीरी पट्टी के ग्राम पंचायत कंडारा और आसपास के जंगलों में लगी आग से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार दो दिनों से जंगल लगातार जल रहे हैं। वहीं आदिबदरी के आसपास के जंगल भी दूसरे दिन धधकते रहे। इसी बीच बरतोली गांव के जंगल में भी आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए गांव की महिलाएं और ग्रामीण खुद आगे आए और आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे।

वन विभाग की तैयारी पर उठ रहे सवाल

एक ओर वन विभाग द्वारा वनाग्नि से निपटने के लिए जागरूकता अभियान और बैठकों की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण इन दावों पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में लगी आग के कारण उन्हें मवेशियों के लिए चारापत्ती लाने में भी काफी परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर जंगल की आग से वन्य जीवों और वन संपदा को भी भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से वनाग्नि को जल्द नियंत्रित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रहरियों और वन सरपंचों को अधिक सक्रिय किया जाए ताकि जंगलों में लगने वाली आग को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कंडारा क्षेत्र में लगी आग को बुझाने के लिए विभागीय कर्मचारियों को तुरंत मौके पर भेजा गया है और आग पर नियंत्रण पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल बना दिया है। यदि समय रहते इन पर काबू नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

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