देहरादून: उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियां अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल फिलहाल बिना मजबूत संगठनात्मक टीम के ही चुनावी मोर्चे पर नेतृत्व कर रहे हैं, जिससे पार्टी की रणनीति को धार नहीं मिल पा रही है।
करीब छह महीनों से प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की नई कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है। पुराने पदाधिकारियों की नई जिम्मेदारियों को लेकर असमंजस बना हुआ है, जिसके चलते संगठनात्मक गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी सफलता के लिए एक मजबूत और सक्रिय टीम जरूरी होती है। अकेले नेतृत्व के दम पर चुनाव जीतना मुश्किल होता है, और यही स्थिति फिलहाल कांग्रेस के सामने नजर आ रही है।
इससे पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा के समय भी नई टीम के गठन में देरी हुई थी। अब गोदियाल के सामने भी वही चुनौती बनी हुई है। हालांकि पार्टी की ओर से कार्यकारिणी के नाम हाईकमान को भेजे जा चुके हैं, लेकिन अंतिम निर्णय का इंतजार जारी है।
कांग्रेस नेतृत्व ने प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत को चुनाव अभियान और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी है। जिला और ब्लॉक स्तर पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, लेकिन प्रदेश स्तर की टीम के अभाव में समन्वय की कमी महसूस की जा रही है।
गोदियाल का कहना है कि सभी नेता 2027 में पार्टी को सत्ता में लाने के लिए प्रयासरत हैं और जल्द ही नई पीसीसी टीम की घोषणा की जाएगी।
