देहरादून। प्रदेश में बीते तीन दिनों के दौरान कई न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने हाईकोर्ट समेत सभी न्यायालयों और न्यायाधीशों की सुरक्षा का ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं। ऑडिट में पाई जाने वाली कमियों को तत्काल दूर किया जाएगा।
धमकियों के बाद पुलिस ने सभी न्यायालय परिसरों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। हालांकि, किसी भी परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। एहतियातन बुधवार को पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसमें न्यायालयों की सुरक्षा पुख्ता करने और जिलों में क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) गठित करने के निर्देश दिए गए।
एटीएस और क्यूआरटी की तैनाती
सभी न्यायालयों में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और क्यूआरटी की तैनाती के आदेश दिए गए हैं। प्रत्येक कार्यदिवस पर न्यायालय की कार्यवाही शुरू होने से पहले बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड द्वारा व्यापक जांच की जाएगी। परिसर को पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही न्यायिक कार्य शुरू होगा।
प्रवेश पर सख्त निगरानी
न्यायालय परिसरों में प्रवेश के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की अनिवार्य चेकिंग और स्क्रीनिंग की जाएगी। पहचान पत्र दिखाना आवश्यक होगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में पीएसी भी तैनात की जाएगी।
पुलिस मुख्यालय ने इंटेलिजेंस तंत्र को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का कहना है कि न्यायालयों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
