• Mon. Aug 24th, 2026

Paryavaran Vichar

Hindi News Portal

गांवों में बिगड़ रही नींद, महिलाओं में बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर का खतरा

ByParyavaran Vichar

Aug 24, 2026

देहरादून। उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की नींद और स्वास्थ्य को लेकर एम्स ऋषिकेश के एक अध्ययन ने चिंता बढ़ा दी है। शोध में नींद की खराब गुणवत्ता और हाई ब्लड प्रेशर के बीच स्पष्ट संबंध सामने आया है। इसका असर खास तौर पर महिलाओं में अधिक देखा गया है।

एम्स ऋषिकेश के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों ने देहरादून के डोईवाला ब्लॉक के 30 गांवों में अध्ययन किया। इसमें 1,946 लोगों को शामिल किया गया। शोध के अनुसार ग्रामीण आबादी में करीब 38.5 प्रतिशत लोग हाइपरटेंशन से प्रभावित पाए गए।

अध्ययन में महिलाओं और पुरुषों के बीच भी अंतर सामने आया। हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित महिलाओं में 55.1 प्रतिशत की नींद की गुणवत्ता खराब पाई गई, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 39.2 प्रतिशत रहा। उम्र, वजन और खानपान जैसे अन्य कारकों को ध्यान में रखने के बाद भी महिलाओं में खराब नींद और हाइपरटेंशन के बीच संबंध बना रहा।

महिलाओं पर अधिक असर क्यों?

विशेषज्ञों के मुताबिक महिलाओं में नींद और ब्लड प्रेशर के बीच संबंध के पीछे कई जैविक और सामाजिक कारण हो सकते हैं। मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलावों के कारण नींद प्रभावित हो सकती है। वहीं नींद की कमी से शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर बढ़ सकता है, जिससे हृदय गति और रक्तचाप प्रभावित होता है।

इसके अलावा घरेलू जिम्मेदारियां, चिंता और मानसिक दबाव भी महिलाओं की नींद को प्रभावित कर सकते हैं। लगातार खराब नींद के कारण रात के समय ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर तक नहीं आ पाता।

ग्रामीण आबादी में तनाव भी बड़ी चिंता

अध्ययन में पाया गया कि करीब 79.7 प्रतिशत ग्रामीण लोग मध्यम से उच्च स्तर के तनाव का सामना कर रहे हैं। हालांकि तनाव का हाइपरटेंशन पर स्वतंत्र प्रभाव स्पष्ट नहीं मिला, लेकिन खराब नींद को स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण जोखिम कारक माना गया।

शोध में अधिक वजन या मोटापा, बढ़ती उम्र, शराब का सेवन और ब्लड शुगर का असंतुलन भी हाई ब्लड प्रेशर से जुड़े प्रमुख कारणों में शामिल पाए गए।

अब नींद की जांच पर भी जोर

शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के दौरान ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के साथ नींद की गुणवत्ता की जांच को भी शामिल किया जाना चाहिए। समय पर सोना, पर्याप्त नींद लेना, उत्तेजक पदार्थों से दूरी बनाए रखना और महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को कम करने में मददगार हो सकता है।

निष्कर्ष: ग्रामीण इलाकों में शांत वातावरण के बावजूद नींद की समस्या बढ़ना स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकेत है। खासकर महिलाओं में खराब नींद को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते इसकी पहचान और उपचार पर ध्यान देना जरूरी है।

By Paryavaran Vichar

उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून से प्रकाशित हिंदी समाचार पोर्टल पर्यावरण विचार एक ऐसा माध्यम है, जो हिंदी भाषा में लोगों को ताज़ा और महत्वपूर्ण समाचार प्रदान करता है। हिंदी समाचार पोर्टल पर्यावरण विचार द्वारा लोग उत्तराखण्ड के साथ-साथ फीचर, खेल, मनोरंजन, राजनीतिक, आलेख और राष्ट्रीय समाचारआदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *