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ऊधमसिंह नगर: आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद; मंडियों में भीगा अनाज, पेड़ गिरने से जनजीवन प्रभावित

ByParyavaran Vichar

Oct 10, 2026

ऊधमसिंह नगर। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में शुक्रवार को आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गदरपुर, रुद्रपुर, किच्छा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धान की तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों में कटाई के लिए तैयार धान की बालियां ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण टूटकर बिखर गईं, जबकि कई स्थानों पर फसल जमीन पर गिर गई। वहीं, मंडियों में रखा किसानों का कई क्विंटल धान बारिश में भीग गया। तेज हवाओं के चलते कई जगह भारी पेड़ उखड़ गए, बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं और कुछ भवनों की छतों को भी नुकसान पहुंचा। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से किसानों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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गदरपुर क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ धान की फसल को नुकसान

शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। कुछ ही समय में खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। गदरपुर क्षेत्र के बराखेड़ा, नारायणपुर दोहरिया, रामकोट नंबर छह, मुकुंदपुर डेरा, सरदार नगर, बलखेड़ा, गोपाल नगर, बलराम नगर, सुखशांति नगर, चमनगंज, नंदपुर, खेमपुर और खानपुर पश्चिम सहित कई गांवों में सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित हुई है।

किसानों के अनुसार, धान की फसल कटाई के लिए तैयार थी। ऐसे समय में ओलावृष्टि होने से फसल की बालियां टूट गईं और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसल गिर गई। इससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने के लिए उन्होंने बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च किया था, लेकिन मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है।

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एसडीएम और तहसीलदार ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

फसल को हुए नुकसान की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ। एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा और तहसीलदार लीना चंद्रा धामी ने राजस्व विभाग की टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।

एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा ने बताया कि तहसील क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। संबंधित टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में जाकर फसलों और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का विवरण जुटाने को कहा गया है।

प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। वहीं, शुक्रवार देर रात तक गदरपुर और बाजपुर क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे किया जा रहा था। प्रारंभिक आशंका जताई गई है कि कुछ स्थानों पर खेतों में तैयार धान की फसल को शत-प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। हालांकि, वास्तविक स्थिति सर्वे पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

रुद्रपुर और किच्छा में भी किसानों को भारी नुकसान

गदरपुर के अलावा रुद्रपुर के बगवाड़ा, लखदेवा, अलखदेवी, हरिदासपुर, बरीराई, पिपलिया नंबर एक और आनंद खेड़ा सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश और ओलावृष्टि से फसलें प्रभावित हुई हैं।

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। किसानों ने उन्हें फसल बर्बाद होने से पैदा हुई आर्थिक परेशानियों के बारे में बताया।

उधर, किच्छा और रुद्रपुर की बगवाड़ा मंडी में रखा किसानों का कई क्विंटल धान भी बारिश में भीग गया। मंडियों में खुले में रखे अनाज को नुकसान पहुंचने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। खेतों में फसल खराब होने के साथ-साथ मंडियों में रखे धान के भीगने से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

तेज हवा से गिरे 25 से अधिक पेड़, दो वाहन क्षतिग्रस्त

आंधी का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा। तेज हवाओं के कारण गदरपुर स्थित अटल उत्कृष्ट जीआईसी परिसर में 25 से अधिक पेड़ गिर गए। परिसर में स्थित उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय की छत पर भारी यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से मुख्य द्वार पर आवाजाही बाधित हो गई।

कॉलेज के सामने खड़ा एक पिकअप वाहन भी पेड़ के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, कोतवाली परिसर में पेड़ की एक टहनी कार पर गिर गई, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा।

गदरपुर के वार्ड आठ में कब्रिस्तान और मस्जिद परिसर में भी कई पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। इससे बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। गूलरभोज रोड पर सुखशांति नगर के पास कई पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

सीड प्लांट की छत उड़ी, लाखों रुपये के गेहूं के भीगने की आशंका

तेज आंधी के दौरान ग्राम गोपाल नगर स्थित सिद्धिविनायक सीड प्लांट की छत उड़ गई। छत को नुकसान पहुंचने के कारण बारिश का पानी परिसर में घुस गया। इससे वहां रखा गेहूं भीग गया। खबर के अनुसार, भीगे गेहूं की कीमत लाखों रुपये बताई गई है।

इस घटना से प्लांट में रखे कृषि उत्पादों को नुकसान पहुंचा है। तेज हवा और बारिश ने क्षेत्र में किसानों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी प्रभावित किया है।

गदरपुर बाईपास पर ओलों के ढेर देखने उमड़े लोग

ओलावृष्टि के बाद गदरपुर बाईपास मार्ग पर दिनेशपुर अंडरपास के पास ओलों का ढेर दिखाई दिया। सड़क के पास बड़ी मात्रा में ओले जमा होने की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों की भीड़ वहां पहुंच गई।

लोगों ने हाथों में बर्फ जैसे गोलाकार ओले लेकर मोबाइल फोन से तस्वीरें खींचीं और वीडियो बनाए। अचानक हुई ओलावृष्टि ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि, जहां ओलों को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए यही ओलावृष्टि भारी नुकसान का कारण बनी।

सांसद ने नुकसान का तत्काल आकलन कर मुआवजा देने की मांग उठाई

सांसद अजय भट्ट ने कहा कि गदरपुर क्षेत्र में तेज हवा और ओलावृष्टि से किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का तत्काल आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर मुआवजा मिल सके।

प्रशासन की ओर से भी राजस्व विभाग की टीमों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे पूरा होने के बाद फसल और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।

किसानों ने बताई अपनी पीड़ा, मुआवजे की उठाई मांग

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी ने कहा कि भारी बारिश और ओलावृष्टि से धान की फसल को गंभीर नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, किसान पहले ही खेती की लागत और दूसरी समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में प्राकृतिक आपदा ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है।

गदरपुर के किसान हरजिंदर सिंह ने बताया कि उनकी सात एकड़ धान की फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि से पूरी फसल नष्ट हो गई। उन्होंने कहा कि फसल तैयार होने के समय इस तरह का नुकसान होना उनके लिए बड़ा आर्थिक झटका है।

वहीं, रुद्रपुर के किसान विक्रमजीत सिंह ने धान खरीद में देरी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि क्रय केंद्रों पर समय से खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को पहले ही परेशानी हो रही थी। अब बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को व्यवस्था संबंधी समस्याओं के साथ-साथ मौसम की मार भी झेलनी पड़ रही है।

नुकसान का सर्वे जारी, किसानों को मुआवजे की उम्मीद

ऊधमसिंह नगर जिले में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान के बाद किसानों की निगाहें प्रशासन की सर्वे रिपोर्ट पर टिकी हैं। खेतों में खड़ी धान की फसल, गन्ने और मंडियों में रखे अनाज को नुकसान पहुंचने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने की आशंका है।

प्रशासन ने राजस्व कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे पूरा होने के बाद नुकसान की वास्तविक मात्रा स्पष्ट होगी। किसान चाहते हैं कि नुकसान का आकलन जल्द पूरा कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई में उन्हें कुछ मदद मिल सके।

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