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30 साल बाद बन रहा विशेष ज्योतिषीय संयोग, जानें पूजा का समय

ByParyavaran Vichar

Nov 8, 2026

देहरादून। दीपावली 2026 का पर्व इस बार विशेष ज्योतिषीय संयोगों के बीच मनाया जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, करीब 30 वर्षों बाद इस दीपावली पर धन लक्ष्मी योग और अनफा योग का संयोग बन रहा है। इस अवसर पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए शाम को 1 घंटा 54 मिनट का विशेष शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया है।

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दीपावली का पर्व हर वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन अमावस्या तिथि के साथ प्रदोष काल का संयोग भी बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गृहस्थों, व्यापारियों और साधना करने वालों के लिए दीपावली का विशेष महत्व है। शास्त्रों में प्रदोष काल, निशीथ काल और महानिशीथ काल में पूजा-अर्चना को महत्वपूर्ण माना गया है।

शाम 5:54 से 7:50 बजे तक लक्ष्मी-गणेश पूजन

नारायण ज्योतिष संस्थान के आचार्य विकास जोशी के अनुसार, आठ नवंबर को शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान वृषभ लग्न का संयोग भी बनेगा। लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए सबसे उपयुक्त मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक बताया गया है। इस तरह श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए कुल एक घंटा 54 मिनट का समय मिलेगा।

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ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में वृषभ जैसे स्थिर लग्न के दौरान मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस समय विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि, शांति और धन-धान्य की वृद्धि होती है।

व्यापारियों के लिए कुंभ लग्न में पूजा

दीपावली पर व्यापारी वर्ग अपने प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और कारखानों में भी गणेश-लक्ष्मी पूजन करता है। इसके लिए कुंभ लग्न का समय दोपहर 1:27 बजे से 2:54 बजे तक बताया गया है। इस दौरान व्यापारी अपने बही-खातों, तिजोरी और प्रतिष्ठानों में पूजा-अर्चना कर नए वित्तीय वर्ष में उन्नति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।

निशीथ और महानिशीथ काल में साधना का महत्व

दीपावली की रात निशीथ काल और महानिशीथ काल को भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। उपलब्ध मुहूर्त के अनुसार, सिंह लग्न रात 12:25 बजे से 2:42 बजे तक रहेगा। इस समय को लक्ष्मी साधना और श्री यंत्र पूजन के लिए उपयुक्त बताया गया है।

वहीं, मंत्र जाप और विशेष साधना के लिए महानिशीथ काल रात 11:39 बजे से देर रात 12:31 बजे तक रहेगा। इसके अलावा निशा पूजा, काली पूजा और विशेष तांत्रिक साधनाओं के लिए रात 1:37 बजे से 3:15 बजे तक का समय शुभ बताया गया है।

स्थिर लग्न में पूजन से बरकत की मान्यता

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दीपावली पर स्थिर लग्न में मां महालक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में धन-धान्य, बरकत और सुख-समृद्धि बनी रहती है। इसी कारण श्रद्धालु प्रदोष काल में दीप प्रज्वलित कर विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

दीपावली 2026 के प्रमुख पूजा मुहूर्त

पूजा या काल समय
प्रदोष काल शाम 5:31 से रात 8:09 बजे
लक्ष्मी-गणेश पूजन शाम 5:54 से रात 7:50 बजे
कुंभ लग्न (व्यापारिक पूजा) दोपहर 1:27 से 2:54 बजे
सिंह लग्न रात 12:25 से 2:42 बजे
महानिशीथ काल रात 11:39 से 12:31 बजे
निशा पूजा एवं काली पूजा रात 1:37 से 3:15 बजे

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