ऋषिकेश, 8 जुलाई 2026: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना का विकास कर रहा है। लगभग 20 किलोमीटर लंबे इस हाईवे का निर्माण 743 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है।
एनएचएआई के अनुसार, परियोजना में वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए करीब 3.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड संरचना और विशेष एलीफेंट अंडरपास बनाए जाएंगे। इसके अलावा मार्ग पर साउंड बैरियर, एंटी-ग्लेयर स्क्रीन, वन्यजीव चेतावनी संकेतक, गति नियंत्रण के उपाय और नो हॉर्न जोन जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
पेड़ों की कटाई को कम करने के लिए परियोजना में 754 पेड़ों का दूसरी जगह प्रत्यारोपण किया जाएगा। इससे पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
एनएचएआई का कहना है कि फोरलेन सड़क बनने से सड़क की ज्यामिति में सुधार होगा, यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगी तथा स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को आधुनिक सड़क अवसंरचना और बेहतर यातायात सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
