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फटाफट इश्क में कई रिस्क: ऑनलाइन रिश्तों में पहले पहचान, फिर भरोसा और आखिर में अपराध

ByParyavaran Vichar

Aug 25, 2026

देहरादून। सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप और मैट्रिमोनियल वेबसाइटों ने दोस्ती, प्यार और जीवनसाथी की तलाश को आसान बना दिया है। लेकिन ऑनलाइन शुरू होने वाले रिश्तों के साथ साइबर ठगी और गंभीर अपराधों का खतरा भी बढ़ रहा है। देहरादून और आसपास के इलाकों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें ऑनलाइन पहचान के बाद लोगों को लाखों रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया।

नौकरी का झांसा देकर 32 लाख रुपये ठगे

देहरादून में एक युवती की शादी की वेबसाइट के जरिए एक युवक से पहचान हुई। युवक ने खुद को भरोसेमंद बताते हुए उसे नौकरी दिलाने का झांसा दिया। बातचीत बढ़ने के साथ उसने युवती का विश्वास हासिल किया और अलग-अलग कारण बताकर करीब 32 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने आरोपी चारू चंद्र जोशी को पिथौरागढ़ से गिरफ्तार किया। बताया गया कि वह नेपाल भागने की कोशिश में था।

आईफोन और डायमंड रिंग का लालच देकर 50 लाख की ठगी

ऋषिकेश की एक महिला भी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन ठगी का शिकार हुई। एक व्यक्ति ने विदेशी नंबर से संपर्क कर खुद को विदेश में रहने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया। आरोपी ने महिला को विश्वास में लेकर दावा किया कि उसने उसके लिए आईफोन, डायमंड रिंग और 20 हजार अमेरिकी डॉलर का कीमती पार्सल भेजा है।

इसके बाद कस्टम ड्यूटी, क्लीयरेंस और अन्य शुल्क के नाम पर महिला से अलग-अलग बैंक खातों में करीब 50 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

ऑनलाइन पहचान के बाद विवाद ने लिया हिंसक रूप

ऑनलाइन रिश्तों का खतरा केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं है। पटेलनगर क्षेत्र में डेटिंग ऐप ग्राइंडर के जरिए संपर्क में आए दो युवकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक की हत्या कर दी गई। शुरुआती तौर पर दोनों की पहचान ऑनलाइन हुई थी। इस घटना ने ऑनलाइन मिले लोगों की वास्तविक पहचान और पृष्ठभूमि की जांच किए बिना भरोसा करने के जोखिम को उजागर किया।

आकर्षक प्रोफाइल बनाकर हासिल करते हैं भरोसा

अपराधी सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल लोगों का विश्वास जीतने के लिए कर रहे हैं। कई मामलों में आरोपी अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर आकर्षक प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद दोस्ती, प्रेम या शादी का रिश्ता बनाने के बहाने भावनात्मक जुड़ाव पैदा किया जाता है। भरोसा बनने के बाद नौकरी, आर्थिक मदद, विदेश भेजने या किसी अन्य जरूरत का हवाला देकर पैसे मांगे जाते हैं।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार, ऑनलाइन पहचान को वास्तविक पहचान मान लेना सबसे बड़ा जोखिम है। डेटिंग या शादी के प्लेटफॉर्म पर मिले व्यक्ति की पृष्ठभूमि की स्वतंत्र रूप से जांच किए बिना निजी जानकारी, दस्तावेज या पैसे साझा नहीं करने चाहिए।

रिश्ते ऑनलाइन हों तो सावधानी ऑफलाइन भी जरूरी

पुलिस लोगों से अपील करती है कि सोशल मीडिया या डेटिंग ऐप पर मिले किसी अनजान व्यक्ति पर जल्द भरोसा न करें। किसी भी तरह का आर्थिक लेनदेन करने से पहले पूरी तरह जांच करें। सामने वाले की पहचान और पृष्ठभूमि को स्वतंत्र स्रोतों से सत्यापित करना जरूरी है।

यदि कोई व्यक्ति पैसे के लिए दबाव बनाए, धमकी दे या लगातार संदिग्ध मांग करे तो इसकी जानकारी परिवार के सदस्यों को दें और पुलिस से संपर्क करें।

ऑनलाइन रिश्ते कुछ क्लिक से शुरू हो सकते हैं, लेकिन भरोसा करने में जल्दबाजी जिंदगी भर का नुकसान करा सकती है।

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