परियोजना में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान शामिल हैं। बैठक में संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में समझौते को अंतिम रूप दिया गया। इसे ऊपरी यमुना बेसिन में जल प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
करीब 15 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली किशाऊ परियोजना क्षेत्र की प्रमुख जल एवं ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल है। परियोजना की प्रस्तावित जल भंडारण क्षमता करीब 1,324 मिलियन घन मीटर होगी।
किशाऊ बांध परियोजना का उद्देश्य जल संरक्षण के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति, सिंचाई और बिजली उत्पादन जैसे कई क्षेत्रों में लाभ पहुंचाना है। छह राज्यों के बीच समझौते के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
