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Paryavaran Vichar

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अल्मोड़ा में अंतरराष्ट्रीय संगम: कसारदेवी मंदिर में कुमाऊंनी रीति से हुआ विवाह

ByParyavaran Vichar

Feb 13, 2026

अल्मोड़ा की शांत वादियों में गुरुवार को एक अनोखा अंतरराष्ट्रीय विवाह समारोह देखने को मिला। फ्रांस के और्हेल्यैं गैरंपों और अल्मोड़ा की श्रीपूर्णा कुमाऊंनी परंपराओं के साथ विवाह बंधन में बंध गए। विदेशी बारात जब ढोल-दमाऊ और छोलिया नृत्य दल के साथ समारोह स्थल पहुंची तो पूरा वातावरण लोक-संस्कृति के रंग में रंग गया।

शिक्षा और करियर में अंतरराष्ट्रीय पहचान

श्रीपूर्णा, चीनाखान निवासी एवं ओएनजीसी से सेवानिवृत्त डीजीएम ध्रुव रंजन जोशी और प्रतिभा जोशी की पुत्री हैं। उन्होंने दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और भारतीय विद्या भवन से टेलीविजन एवं फिल्म प्रोडक्शन में परास्नातक किया। इसके बाद ग्राफिक डिजाइन में डिप्लोमा कर वर्ष 2020 में University of Toulouse से मार्केट मैनेजिंग एंड कम्युनिकेशन में एमएससी की डिग्री हासिल की। वर्ष 2021 से वह फ्रांस की एक कंपनी में डेटा एनालिस्ट मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं।

सनातन परंपरा में सजा विवाह

विवाह से पूर्व हल्दी, मेहंदी और गणेश पूजा जैसे सभी पारंपरिक अनुष्ठान संपन्न हुए। गणेश पूजा के बाद निकली बारात में फ्रांस से आए दो दर्जन से अधिक मेहमान शामिल थे। मंत्रोच्चार के बीच धूलि अर्घ्य, कन्यादान, जयमाल और सात फेरे की रस्में पूरी की गईं। फेरे संपन्न होते ही नवदम्पति ने एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया और मेहमानों ने पुष्पवर्षा कर आशीर्वाद दिया।

कुमाऊंनी रंग में रंगे विदेशी मेहमान

विदेशी बाराती पूरी तरह भारतीय परिधान में नजर आए। महिलाओं ने रंगवाली पिछौड़ा, साड़ी और घाघरा-चोली धारण की, जबकि पुरुष कुर्ता-पायजामा और शेरवानी में दिखे। कई मेहमानों ने कुमाऊंनी टोपी पहनकर स्थानीय संस्कृति के प्रति सम्मान जताया। छोलिया नृत्य और ढोल-दमाऊ की थाप पर विदेशी मेहमानों ने भी जमकर नृत्य किया।

डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए चुना अल्मोड़ा

दूल्हे और्हेल्यैं ने बताया कि यूरोप में विवाह स्थलों की कमी नहीं है, लेकिन भारतीय संस्कृति, परंपराओं और उत्तराखंड की आध्यात्मिक शांति ने उन्हें अल्मोड़ा में विवाह करने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार यह समारोह केवल पारिवारिक उत्सव नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव भी है।

कसारदेवी की पहाड़ियों के बीच संपन्न यह अंतरराष्ट्रीय विवाह कुमाऊं की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक मेल-जोल का सुंदर उदाहरण बन गया।

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