ऋषिकेश । ऋषिकेश स्थित Parmarth Niketan में प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक Madhur Bhandarkar पहुंचे, जहां उन्होंने आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम के परमाध्यक्ष Swami Chidanand Saraswati से मुलाकात की और सांध्यकालीन गंगा आरती में भाग लिया।
आश्रम की ओर से उनका सम्मान करते हुए उन्हें रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया गया। गंगा आरती के दिव्य दृश्य से प्रभावित होकर मधुर भंडारकर ने इसे अपने जीवन के अविस्मरणीय क्षणों में से एक बताया।
इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आज के दौर में सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने जोर दिया कि फिल्मों के जरिए भारतीय संस्कृति, संस्कार और मूल्यों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, क्योंकि इसका युवा पीढ़ी पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
मधुर भंडारकर ने भी इस बात से सहमति जताते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा भविष्य में संस्कृति और मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
साथ ही, स्वामी चिदानंद सरस्वती ने Baisakhi पर्व की शुभकामनाएं देते हुए इसे नए संकल्प, नई ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें परिश्रम, प्रकृति के प्रति आभार और एकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
