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फूलों की घाटी में पर्यटकों के सामने आए दो तेंदुए, 20 मिनट तक रोकी गई एंट्री

ByParyavaran Vichar

Aug 21, 2026

उदयपुर। फूलों की घाटी में सोमवार दोपहर उस समय पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक दो तेंदुए सड़क पर आ गए। तेंदुओं को सामने देखकर पर्यटक जहां थे, वहीं रुक गए। सूचना मिलते ही वन विभाग ने एहतियात के तौर पर नए पर्यटकों की एंट्री करीब 20 मिनट तक रोक दी और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी।

घटना दोपहर करीब 12 बजे की बताई गई है। फूलों की घाटी का संचालन करने वाली अंबेरी वन सुरक्षा समिति के सदस्य किशनलाल ने क्षेत्र में दो तेंदुए दिखाई देने की सूचना वनपाल पंकज खटीक को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर रोक दिया गया। तेंदुओं की गतिविधि वाले क्षेत्र में किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी गई।

वन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर करीब 20 मिनट तक नए पर्यटकों की एंट्री बंद रखी। इस दौरान सड़क पर मौजूद पर्यटकों को वहीं इंतजार करना पड़ा। विभागीय टीम लगातार तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखती रही।

मौके पर मौजूद कई पर्यटकों ने दोनों तेंदुओं के वीडियो भी बनाए। कुछ देर तक सड़क और आसपास के इलाके में रहने के बाद दोनों तेंदुए पहाड़ी क्षेत्र की ओर चले गए। इसके बाद वन विभाग ने स्थिति सामान्य होने पर पर्यटकों की आवाजाही दोबारा शुरू कर दी।

फूलों की घाटी में 5 से 6 तेंदुओं की मौजूदगी

वन विभाग के अनुसार हाल ही में हुई वन्यजीव गणना में फूलों की घाटी और आसपास के क्षेत्र में करीब 5 से 6 तेंदुओं की मौजूदगी दर्ज की गई है। इसके चलते क्षेत्र में समय-समय पर तेंदुओं का मूवमेंट देखा जाता है। फूलों की घाटी के अलावा चीरवा घाटी, अंबेरी, जैव विविधता पार्क और पुरोहितों का तालाब क्षेत्र भी तेंदुओं की गतिविधियों वाले इलाके माने जाते हैं।

उदयपुर-नाथद्वारा मार्ग पर चीरवा टनल बनने के बाद पुराने घाट सेक्शन को बंद कर दिया गया था। बाद में वन विभाग ने इस क्षेत्र को विकसित कर फूलों की घाटी के रूप में तैयार किया। अगस्त 2018 में इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया था।

यहां जिपलाइन, स्काई साइकिलिंग, वॉल क्लाइंबिंग, बाली झूला सहित कई एडवेंचर गतिविधियां उपलब्ध हैं। सड़क के दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के फूल लगाए गए हैं, जिसके कारण यह क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुका है। हालांकि, वन्यजीवों की मौजूदगी को देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के लिए वन विभाग को लगातार निगरानी और सतर्कता बरतनी पड़ रही है।

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