उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बावजूद चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में दर्शन के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्रों पर भी यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
प्रदेश सरकार ने इस वर्ष चारधामों में श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या की सीमा हटा दी है, लेकिन यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों व्यवस्थाएं लागू हैं। हालांकि, ऑनलाइन स्लॉट जल्दी भर जाने के कारण अधिकांश श्रद्धालु ऑफलाइन पंजीकरण केंद्रों का रुख कर रहे हैं, जिससे अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है।
रविवार को चारों धामों और हेमकुंड साहिब में एक ही दिन में 98 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो अब तक का नया रिकॉर्ड है। वहीं, छह मार्च से अब तक 41 लाख से अधिक यात्रा पंजीकरण हो चुके हैं।
पंजीकरण कराने के लिए यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। ऋषिकेश, हरिद्वार, गुरुद्वारा केंद्र, नया गांव, हरबर्टपुर और ट्रांजिट कैंपों में भारी भीड़ देखी गई। रविवार को ही 17 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑफलाइन पंजीकरण कराया।
19 अप्रैल से 24 मई तक चारधाम और हेमकुंड साहिब में कुल 21.82 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 8.43 लाख श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे हैं। बदरीनाथ में 5.85 लाख, गंगोत्री में 3.70 लाख और यमुनोत्री में 3.75 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब में दो दिनों में 9559 श्रद्धालु पहुंचे।
लगातार बढ़ती भीड़ के कारण प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण, पंजीकरण व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गया है।
