देहरादून। कर्णप्रयाग में निहंग सिखों के साथ हुए विवाद के बाद उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस प्रशासन से बातचीत के बाद निहंग सिखों ने फिलहाल दो दिन तक पांवटा साहिब में ही रुकने पर सहमति जताई है। इसके बावजूद किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए देहरादून जिले में हाई अलर्ट जारी है।
उत्तराखंड में प्रवेश की आशंका को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। जिले की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है तथा बाहरी राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की गहन जांच की जा रही है।
कुल्हाल बॉर्डर, आशारोड़ी और रायवाला सहित प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इन स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और खुफिया विभाग के अधिकारी तैनात हैं। वाहनों के दस्तावेजों की जांच के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। होटल, धर्मशाला, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर हर छोटी-बड़ी सूचना पर नजर रखी जा रही है।
इस बीच, कुल्हाल बॉर्डर पर बैरियर तोड़कर उत्तराखंड में प्रवेश करने और देहरादून में कुछ स्थानों पर तलवारें लहराने के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इन घटनाओं के बाद लोगों में चिंता का माहौल है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न स्तरों पर बातचीत जारी है तथा मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
