उत्तरकाशी के गंगोत्री हाईवे पर भटवाड़ी और चड़ेथी के बीच चल रहे सुरक्षात्मक और सड़क निर्माण कार्यों पर एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भागीरथी (गंगा) नदी के तेज कटाव को रोके बिना केवल सड़क के ऊपरी हिस्से में किए जा रहे निर्माण कार्य मानसून के दौरान सुरक्षित नहीं रह पाएंगे।
पिछले वर्ष आई आपदा में नदी के कटाव और भू-धंसाव के कारण गंगोत्री हाईवे का लगभग 100 मीटर हिस्सा धंस गया था। इसके साथ ही भूस्खलन होने से कई दिनों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि उस स्थान पर आज भी खतरा बना हुआ है और पिछले महीने भी बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ था।
स्थानीय निवासी विपिन राणा ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (BRO) ने मई माह से करोड़ों रुपये की लागत से सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए हैं, लेकिन नदी के किनारे हो रहे कटाव को रोकने के लिए अभी तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। उनका कहना है कि यदि पहले नदी तट पर सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो इस मानसून में दोबारा भू-धंसाव होने से निर्माण कार्यों को भारी नुकसान हो सकता है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि संबंधित क्षेत्र में बीआरओ को नदी का बहाव नियंत्रित करने और आवश्यक बाढ़ सुरक्षा कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्थायी बाढ़ सुरक्षा कार्यों को पूरा होने में अभी कुछ समय लगेगा।
