देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान सामने आई विसंगतियों के आधार पर चुनाव आयोग ने 19.04 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए हैं। आयोग ने संबंधित मतदाताओं को निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
आयोग के अनुसार, नोटिस उन मतदाताओं को भेजे गए हैं जिनके आवेदन पत्रों में नाम, आयु या रिश्तेदारों की जानकारी से संबंधित विसंगतियां पाई गई हैं। प्रत्येक नोटिस में मतदाता का नाम, ईपीआईसी नंबर, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या, क्रम संख्या, पता तथा नोटिस जारी करने का कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है।
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि सुनवाई के दौरान मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सभी दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन कराया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति शैक्षिक प्रमाणपत्र या अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो संबंधित विभाग या बोर्ड से उसकी पुष्टि की जाएगी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई दस्तावेज फर्जी, मनगढ़ंत या गलत पाया जाता है, अथवा जानबूझकर गलत जानकारी दी गई है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 217 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इन प्रावधानों के अनुसार दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों प्रकार की सजा का प्रावधान है।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे नोटिस मिलने पर समय पर उपस्थित हों और केवल सही एवं प्रमाणित दस्तावेज ही प्रस्तुत करें, ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।
