• Tue. Oct 6th, 2026

Paryavaran Vichar

Hindi News Portal

उत्तराखंड कांग्रेस में बढ़ी हलचल: सैलजा के बाद वेणुगोपाल का हरीश रावत को संदेश, व्यक्तिगत अभियान स्वीकार नहीं

ByParyavaran Vichar

Oct 6, 2026

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर संगठन और वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से शुरू की गई ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा की आपत्ति के बाद अब पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल ने भी कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट कर दी है।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

वेणुगोपाल ने साफ कहा है कि उत्तराखंड में कांग्रेस का चुनावी अभियान सभी नेताओं को साथ लेकर पार्टी के आधिकारिक बैनर के तहत चलाया जाएगा। संगठन की ओर से तय किए गए सामूहिक कार्यक्रमों को ही प्राथमिकता दी जाएगी और व्यक्तिगत स्तर पर चलाए जाने वाले अभियानों को पार्टी स्वीकार नहीं करेगी।

हरीश रावत ने दिल्ली में की वेणुगोपाल से मुलाकात

जनसंवाद यात्रा को लेकर पार्टी के भीतर उठे सवालों के बीच हरीश रावत ने दिल्ली जाकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच उत्तराखंड में आगामी चुनाव और पार्टी के जनसंपर्क अभियान को लेकर चर्चा हुई।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

मुलाकात के बाद वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से कांग्रेस की रणनीति को सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पार्टी का अभियान सभी नेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ाया जाएगा। अभियान कांग्रेस के आधिकारिक बैनर के तहत और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में संचालित होगा।

वेणुगोपाल ने कहा कि अभियान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य संगठन को एकजुट करते हुए चुनावी अभियान को आगे ले जाना है।

‘व्यक्तिगत अभियान को पार्टी स्वीकार नहीं करेगी’

केसी वेणुगोपाल ने अपने संदेश में पार्टी की स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस व्यक्तिगत स्तर पर चलाए जाने वाले अभियानों को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पार्टी संगठन की ओर से जो कार्यक्रम तय किए जाएंगे, उन्हीं के तहत सामूहिक राजनीतिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं से सामूहिक रूप से अभियान में जुटने की अपील की। वेणुगोपाल के मुताबिक, प्रदेश के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की ऊर्जा तथा मेहनत को एक साथ लेकर कांग्रेस अपना चुनावी अभियान आगे बढ़ाएगी।

उनका यह बयान हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आया है, इसलिए इसे पार्टी संगठन की ओर से सामूहिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने के स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

सैलजा ने भी मांगा है हरीश रावत से स्पष्टीकरण

इससे पहले उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने हरीश रावत की यात्रा को लेकर पार्टी की स्थिति सामने रखी थी। सैलजा ने कहा था कि पार्टी के समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाने को लेकर हरीश रावत से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।

हालांकि, सैलजा ने इसे तत्काल अनुशासनहीनता करार देने से इनकार किया। उनका कहना था कि पहले हरीश रावत का पक्ष सुना जाएगा और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

रावत को 7 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर सैलजा के सामने अपना पक्ष रखने की बात कही गई है। ऐसे में यह मुलाकात उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर चल रहे इस पूरे घटनाक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जनसंवाद यात्रा को लेकर रावत का अपना पक्ष

कांग्रेस नेतृत्व की आपत्तियों के बीच हरीश रावत ने भी अपनी यात्रा को लेकर अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि जनसंवाद यात्रा का उद्देश्य कांग्रेस को कमजोर करना या पार्टी से अलग कोई राजनीतिक मंच खड़ा करना नहीं है। वह इसे जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद की पहल के तौर पर बता रहे हैं।

रावत ने यह भी संकेत दिया है कि यदि पार्टी संगठन की ओर से कोई साझा और समन्वित जनसंपर्क कार्यक्रम तैयार किया जाता है तो वह अपनी आगे की प्रस्तावित यात्राओं को स्थगित करने पर विचार कर सकते हैं।

उनका सवाल है कि यदि लंबे समय से जिलों, ब्लॉकों और ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस की ओर से कोई बड़ा जनसंपर्क अभियान नहीं चल रहा था, तो उनकी जनसंवाद यात्रा से पार्टी के कार्यक्रमों पर किस तरह असर पड़ रहा है।

आठ से दस प्रस्तावित यात्राएं रोकने के संकेत

वेणुगोपाल के साथ मुलाकात और पार्टी नेतृत्व की ओर से सामने आए संदेश के बाद रावत की ओर से यह संकेत भी सामने आया कि उनकी आगे की कई प्रस्तावित यात्राओं को रोका जा सकता है।

रावत के मुताबिक, यदि कांग्रेस संगठन एक साझा और समन्वित जनसंपर्क कार्यक्रम तैयार करता है तो उनकी ओर से प्रस्तावित करीब आठ से दस यात्राओं को स्थगित किया जा सकता है।

हालांकि, उनका कहना है कि जो कार्यक्रम पहले से तय हो चुके हैं, उन्हें अचानक रद्द करने से कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जा सकता है। इसलिए इस पूरे विषय पर पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद ही आगे की दिशा तय होगी।

संगठन और व्यक्तिगत कार्यक्रम का मुद्दा

उत्तराखंड कांग्रेस में सामने आया यह विवाद मूल रूप से इस सवाल से जुड़ा है कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने जनसंपर्क कार्यक्रम किस तरीके से संचालित करेंगे।

कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि चुनावी अभियान संगठन के साझा कार्यक्रमों के तहत संचालित हो और सभी वरिष्ठ नेता एक मंच से पार्टी के लिए काम करें। वहीं, हरीश रावत अपनी जनसंवाद यात्रा को जनता और कार्यकर्ताओं से संपर्क बढ़ाने की पहल के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।

यानी एक तरफ पार्टी संगठन सामूहिक अभियान पर जोर दे रहा है, तो दूसरी तरफ रावत अपनी यात्रा के जरिए सीधे जनता और कार्यकर्ताओं से संवाद की बात कर रहे हैं। अब दोनों पक्षों के बीच समन्वय किस तरह स्थापित होता है, यह 7 अक्टूबर की बैठक के बाद स्पष्ट हो सकता है।

7 अक्टूबर की बैठक पर टिकी नजरें

अब कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें 7 अक्टूबर को होने वाली हरीश रावत और कुमारी सैलजा की मुलाकात पर हैं। इस बैठक में रावत अपनी जनसंवाद यात्रा के उद्देश्य, स्वरूप और आगे की योजना को लेकर अपना पक्ष रख सकते हैं।

बैठक के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि पार्टी नेतृत्व रावत की प्रस्तावित यात्राओं को किस स्वरूप में आगे बढ़ाने की अनुमति देता है और क्या इन्हें कांग्रेस के आधिकारिक संगठनात्मक कार्यक्रमों के साथ जोड़ा जाएगा।

फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व का सार्वजनिक संदेश स्पष्ट है कि उत्तराखंड में चुनावी गतिविधियां संगठन के तय कार्यक्रम, सामूहिक नेतृत्व और पार्टी के आधिकारिक बैनर के तहत संचालित की जाएंगी। वहीं, हरीश रावत की ओर से उनकी जनसंवाद यात्रा को जनता और कार्यकर्ताओं से संपर्क की पहल बताया गया है। अब दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत से आगे की राजनीतिक दिशा तय होने की उम्मीद है।

By Paryavaran Vichar

उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून से प्रकाशित हिंदी समाचार पोर्टल पर्यावरण विचार एक ऐसा माध्यम है, जो हिंदी भाषा में लोगों को ताज़ा और महत्वपूर्ण समाचार प्रदान करता है। हिंदी समाचार पोर्टल पर्यावरण विचार द्वारा लोग उत्तराखण्ड के साथ-साथ फीचर, खेल, मनोरंजन, राजनीतिक, आलेख और राष्ट्रीय समाचारआदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *