• Sat. Jan 31st, 2026

Paryavaran Vichar

Hindi News Portal

कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन, अमित शाह बोले—कल्याण ने पन्ने नहीं, भारत की आत्मा को छापा है

ByParyavaran Vichar

Jan 22, 2026

ऋषिकेश  ।  ऋषिकेश  स्थित स्वर्गाश्रम के गीता भवन में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित सुप्रसिद्ध पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर कल्याण पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन किया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कल्याण ने केवल पन्ने नहीं रचे, बल्कि भारत की आत्मा को छापा है। जब-जब देश पर संकट आया, तब-तब इस पत्रिका ने भारतीय संस्कृति के दीप को प्रज्ज्वलित रखा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा शोर या आक्रामकता से नहीं, बल्कि शास्त्र, तर्क और ज्ञान की शक्ति से होती है, और कल्याण पत्रिका ने यही मार्ग दिखाया है।

अमित शाह ने कहा कि गीता प्रेस पिछले 103 वर्षों से सनातन संस्कृति की लौ को मजबूत कर रहा है। इसने करोड़ों लोगों को भक्ति और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर किया तथा जीवन के अंतिम लक्ष्य मोक्ष की दिशा में प्रेरित किया। गीता प्रेस मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि पीढ़ियों के निर्माण के लिए कार्य करता है और सद् साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में इसकी भूमिका अतुलनीय रही है।

उन्होंने कहा कि कल्याण केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि भारतीयों के लिए आध्यात्मिक पथ प्रदर्शक है। आज भारत की संस्कृति को अमर बनाए रखने के जो प्रयास हो रहे हैं, उनमें कल्याण पत्रिका सबसे सशक्त माध्यमों में से एक है। बीते 100 वर्षों में इसने सनातन धर्म के अनुयायियों की सज्जन शक्ति को संगठित करने का कार्य किया है।

हिंदू संस्कृति पर इसके योगदान को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद जब नीतियों पर पाश्चात्य प्रभाव हावी था, तब कल्याण पत्रिका ने बिना किसी आक्रामक भाषा के हिंदू दर्शन, आचार-विचार, रीति-रिवाज, पर्व-उत्सव और कला-संस्कृति को जनमानस के सामने रखा। इससे राष्ट्र में सांस्कृतिक चेतना जागृत हुई और सनातन धर्म के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ।

गृह मंत्री ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कल्याण के आरंभ के समय ही सलाह दी थी कि इस पत्रिका में कभी विज्ञापन न छापा जाए। यह गौरव की बात है कि शताब्दी अंक में भी एक भी विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि शायद यह देश-विदेश की पहली ऐसी पत्रिका है, जो शून्य विज्ञापन नीति के साथ निरंतर प्रकाशित हो रही है। गीता प्रेस का उद्देश्य पुस्तक बिक्री नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण है।

अमित शाह ने गीता प्रेस के संस्थापक हनुमान प्रसाद पोद्दार के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन इस संस्था को समर्पित कर दिया। गीता प्रेस ने हस्तप्रद छपाई से लेकर आधुनिक चार रंगों वाली लीथोप्रेस तक की यात्रा तय की है, जो इसकी तपस्वी परंपरा को दर्शाती है।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने गीता भवन परिसर में पूजा-अर्चना की और गंगा घाट पर मां गंगा को पुष्प अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सत्संग की भूमि पर आकर कल्याण के शताब्दी समारोह का साक्षी बनना उनके लिए एक आध्यात्मिक अनुभव है। यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि एक तपस्वी परंपरा के सौ वर्षों का जीवंत प्रमाण है।

By Paryavaran Vichar

उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून से प्रकाशित हिंदी समाचार पोर्टल पर्यावरण विचार एक ऐसा माध्यम है, जो हिंदी भाषा में लोगों को ताज़ा और महत्वपूर्ण समाचार प्रदान करता है। हिंदी समाचार पोर्टल पर्यावरण विचार द्वारा लोग उत्तराखण्ड के साथ-साथ फीचर, खेल, मनोरंजन, राजनीतिक, आलेख और राष्ट्रीय समाचारआदि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *