देहरादून। देहरादून के दूल्हा बाजार में सोमवार को गुंजन की दिनदहाड़े निर्मम हत्या से पूरा इलाका दहल गया। सरेआम हुई इस वारदात ने न सिर्फ लोगों को दहशत में डाल दिया, बल्कि पुलिस की लापरवाही को भी उजागर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि गुंजन की जान को खतरा बताते हुए तीन दिन पहले खुड़बुड़ा चौकी में शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
परिजनों के अनुसार गुंजन और आरोपी आकाश एक-दूसरे को करीब तीन वर्षों से जानते थे। आरोपी शादीशुदा था और लंबे समय से गुंजन को परेशान कर रहा था। वह उसका पीछा करता और जान से मारने की धमकी भी देता था। पहले भी दोनों के बीच विवाद को लेकर पुलिस को अवगत कराया गया था, लेकिन हर बार मामला समझाइश तक सीमित रह गया।
हत्या के दिन आरोपी स्कूटर से मौके पर पहुंचा, पहले गुंजन से बातचीत की और फिर अचानक चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। करीब दस मिनट तक गुंजन की चीखें गली में गूंजती रहीं, लेकिन कोई भी आगे आकर उसे बचाने की हिम्मत नहीं कर सका। हमले के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कार्रवाई में कोताही बरतने पर खुड़बुड़ा चौकी इंचार्ज प्रद्युम्न नेगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी थानों को ऐसे मामलों में प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इस हत्याकांड ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि अगर समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो क्या गुंजन की जान बच सकती थी?
