देहरादून। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। केदारनाथ, यमुनोत्री, बदरीनाथ और गंगोत्री धाम सहित कई क्षेत्रों में बीते दो दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे ठंड का असर बढ़ गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
केदारनाथ धाम में बर्फबारी जारी है, जबकि यमुनोत्री धाम में दो दिन बाद मौसम साफ होने पर धूप खिली और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। वहीं बदरीनाथ से औली तक पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है।
चमोली जिले में लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण रूपकुंड, वेदनी बुग्याल, आली बुग्याल, ब्रह्मताल और अन्य पर्यटन स्थल बर्फ से ढक गए हैं। खराब मौसम के चलते कई पर्यटकों को वापस बेस कैंप लौटना पड़ा। हिमालयी क्षेत्रों के गांवों में ठंड बढ़ गई है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।
यमुनोत्री क्षेत्र में लगातार बर्फबारी और निचले इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कें कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई हैं, जिससे आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। इसका असर चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी पड़ रहा है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण निर्माण और व्यवस्थाओं का कार्य प्रभावित हो रहा है।
गंगोत्री और गोमुख क्षेत्र में भी बर्फबारी जारी है। वहीं लगातार बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। खेतों में पानी भरने से गेहूं, मटर और अन्य फसलें खराब होने की कगार पर हैं, जबकि सेब बागानों को भी नुकसान की आशंका है।
टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में भी बर्फबारी और बारिश से ठंड बढ़ गई है। सुरकंडा देवी क्षेत्र में बर्फबारी हुई, जबकि घाटी में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। खराब मौसम के कारण कई विकास कार्य और आयोजन भी प्रभावित हुए हैं।
कुल मिलाकर, अप्रैल महीने में हो रही बर्फबारी और बारिश ने जहां एक ओर प्राकृतिक सौंदर्य को निखारा है, वहीं दूसरी ओर चारधाम यात्रा की तैयारियों, जनजीवन और कृषि पर प्रतिकूल असर डाला है।
