स्याल्दे (अल्मोड़ा)। स्याल्दे विकास खंड के अंतर्गत जैखाल-जैरासी मोटर मार्ग के करीब ढाई किलोमीटर हिस्से में अब तक डामरीकरण नहीं हो पाया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हल्की बारिश में भी सड़क कीचड़ से भर जाती है और आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2023 में इस सड़क को लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को हस्तांतरित किया गया था, लेकिन इसके बाद भी मार्ग पर डामर नहीं बिछाया गया। खराब सड़क के कारण दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हो रहा है। स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए लोगों को जोखिम उठाकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान कमला देवी सहित गोविंद सिंह रावत, पान सिंह नेगी, खीमा नंद नैनवाल, सुरेश सिंह, पुरन सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान नारायण दत्त बहुगुणा, बालम सिंह, हंसी देवी, हरक सिंह, मनोज बहुगुणा और हरी सिंह रावत ने जल्द डामरीकरण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस संबंध में लोनिवि प्रांतीय खंड रानीखेत के जेई महेंद्र कम्पोज ने बताया कि डामरीकरण के लिए स्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। शासनादेश जारी होने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
