उत्तराखंड। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठ विधायकों की उम्मीदवारी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। पार्टी द्वारा कराए गए दो आंतरिक सर्वे में ये विधायक प्रदर्शन के मानकों पर खरे नहीं उतर पाए हैं।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती और हर सीट पर मजबूत उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। पिछले चुनाव में जीती गई सीटों में से ही आठ सीटों पर हार की आशंका सामने आई है, जिससे संगठन की चिंता बढ़ गई है।
सर्वे रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि इन विधायकों ने जनता से किए गए कई वादे पूरे नहीं किए हैं और उनकी क्षेत्र में सक्रियता भी अपेक्षाकृत कम रही है। इसी कारण पार्टी नेतृत्व ने उन्हें सख्त संदेश देते हुए जमीनी स्तर पर काम तेज करने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है और वह सत्ता विरोधी लहर से बचने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। पार्टी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ कर दिया है कि केवल जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जाएगा।
ऐसे में अगर संबंधित विधायक अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं करते हैं, तो पार्टी उनके टिकट काटने से भी पीछे नहीं हटेगी।
