शहर।
कड़ाके की ठंड के साथ-साथ बढ़ता प्रदूषण लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ा रहा है। हवा की गुणवत्ता खराब होने से खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों ने ऐसे लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
जनजीवन प्रभावित
शीतलहर का असर आम जनजीवन पर भी साफ नजर आ रहा है। खुले स्थानों पर काम करने वाले मजदूरों और छोटे व्यापारियों का कामकाज प्रभावित हुआ है। सुबह के समय ठंड के साथ धुंध छाए रहने से दृश्यता कम हो रही है, जिससे सड़क पर आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
नए साल पर भी ठंड बरकरार
मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने के कारण फिलहाल ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है। नए साल के दौरान भी कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार बने हुए हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
