आगामी चारधाम यात्रा में केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में दर्शन के लिए टोकन सिस्टम इस बार भी लागू रहेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि इस व्यवस्था को समाप्त नहीं किया जाएगा।
पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने पिछले वर्ष श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टोकन व्यवस्था शुरू की थी। इसका मकसद लंबी कतारों से बचाव और निर्धारित समय पर दर्शन सुनिश्चित करना था। हालांकि, शुरुआती दौर में बढ़ती भीड़ के कारण इस व्यवस्था में कई समस्याएं सामने आई थीं।
टोकन सिस्टम के तहत यात्रा पंजीकरण के बाद श्रद्धालुओं को धाम पहुंचने पर एक निर्धारित समय का टोकन दिया जाता है, ताकि वे उसी समय पर दर्शन कर सकें। इसके बावजूद कई श्रद्धालुओं को लाइन में इंतजार करना पड़ा था।
चारधाम तीर्थपुरोहित महापंचायत ने इस व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे अव्यवहारिक बताया और इसे समाप्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं को असुविधा होती है।
वहीं, पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल का कहना है कि हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, इसलिए व्यवस्थाओं में सुधार जरूरी है। उन्होंने बताया कि देश के अन्य बड़े मंदिरों की तरह यहां भी टोकन सिस्टम लागू रहेगा और पिछले अनुभवों के आधार पर इसमें सुधार किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि शुरुआत में दिक्कतें आना सामान्य है, लेकिन भविष्य में यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक साबित होगी।
